Railway Platform Ticket 50Rs का क्यों मिल रहा सम्पूर्ण विश्लेषण

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Railway Platform Ticket: नमस्कार आज के इस विश्लेषण श्रंखला में हम यह जानेंगे की आखिर भारत के कई रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट 50रूपये का क्यों मिल रहा है, इसके क्या कारण है ?

Railway Platform Ticket

Railway Platform Ticket

आज भारत में कई ऐसे रेलवे स्टेशन हैं जहाँ पर प्लेटफार्म टिकट को 50रूपये तक बेचा जा रहा है। जिसको लेकर सोशल मीडिया पर खूब तस्वीरें वायरल हो रही हैं। अब सवाल आता है की आखिर ऐसा क्यों हो रहा है ? उससे पहले हम आपको बता दें की सोशल मीडिया पर लोग 50रूपये के टिकट की फोटो के साथ यह लिख कर वायरल कर रहे हैं की भारत सरकार ने रेलवे को प्राइवेट किया है जिसके यह परिणाम सामने आ रहे हैं।

वास्तव में ऐसा बिलकुल भी नहीं है लेकिन देखने और सुनने में ऐसा प्रतीत होता है की प्लेटफार्म टिकट के रेट बढ़ने की वजह प्राइवेट कंपनी हो सकती है। इससे पहले देश के सभी रेलवे स्टेशनो पर प्लेटफार्म टिकट की कीमत मात्र 5रूपये हुआ करती थी जोकि अचानक से 50रूपये कर दी गयी है।

इसके पीछे क्या कारण है, और ऐसा क्यों किया गया है ? इन सवालों के जवाब आपको इस पेज में मिल जाएंगे।

Railway Platform Ticket 50Rs

सबसे पहले हम लेटेस्ट ख़बरों को  देखें तो ख़ास कर पुणे जंक्शन पर प्लेटफार्म टिकट का रेट 50रूपये किया गया है। यह खबर न्यूज़ चैनल पर आ रही है और साथ ही सोशल मीडिया साइट पर भी यही खबर वायरल हो रही है।

जबकि असल में भारत के कई ऐसे रेलवे प्लेटफार्म हैं जहाँ पर प्लेटफॉर्म टिकट को 50रूपये का कर दिया गया है। अब इसके पीछे कारण क्या है ? इसके बारे में रेलवे के अधिकारीयों ने प्रकाश डाला और बताया की आखिर क्यों प्लेटफार्म टिकटों का रेट बढ़ाया गया है।

रेलवे अधिकारीयों के अनुसार, भारत में जबसे कोरोना महामारी ने अपने पैर पसारे हैं तब से लेकर अभी तक सोशल डिस्टेंसिंग ही हमारे पास एक मात्र तरीका है जिससे लोगों को कोरोना से बचाया जा सकता है, अब हम सभी जानते हैं की रेलवे प्लेटफार्म एक ऐसी जगह है जहाँ पर सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिलती हैं।

इसलिए रेलवे के द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि जिन राज्यों के प्लेटफॉर्म्स पर अधिक भीड़ दिखाई देती हैं वहां पर प्लेटफार्म टिकट का रेट बढ़ा दिया जाए, जिससे कम से कम लोग प्लेटफार्म पर आए और सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) का पालन किया जा सके।

बता दें की कोरोना काल जब से सुरु हुआ है तब से ही रेलवे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना चाहता है लेकिन ऐसा होता प्रतीत नहीं हो रहा था। रेलवे के सामने यह बड़ी समस्या थी की लोगों को प्लेटफार्म पर जाने से कैसे रोकें।

ऐसे में रेलवे के अनुसार सामाजिक दूरी को बनाए रखने के लिए इस कदम को उठाया गया है, और कहा जा रहा है की जब यह कोरोना महामारी ख़त्म हो जाएगी तो दोबारा फैसले लिए जाएंगे और प्लेटफार्म टिकट के रेट कम किये जाएंगे।

विश्लेषण

सामाजिक दूरी बनाए रखना ही कोरोना को फैलने से रोक सकता है, और प्लेटफार्म टिकट का रेट बढ़ाकर ऐसा किया भी जा सकता है, जिससे अगर प्लेटफार्म टिकट महंगा होगा तो लोग कम ही वहाँ जाएंगे इसलिए इसे एक बेहतर कदम कहा जा सकता है। अब देखना यह होगा की क्या आने वाले समय में यह रेट ऐसा ही रहेगा या पेट्रोल की कीमत की तरह यह भी कम नहीं होने वाला है।

आपका क्या विचार हैं हमें कमेंट करके जरूर बताएं, और साथ ही इस निर्णय को आप किस तरह से देखते हैं यह भी कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें धन्यवाद।

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