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राफेल विमान को बॉर्डर पर उतारने की तैयारी शुरू- पूरी खबर

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राफेल विमान: भारत को जुलाई माह के अंत तक राफेल विमानों की डिलेवरी मिलने की सम्भावना है, जिसके चलते एयर फ़ोर्स इस विमान को सीमा नियंत्रण रेखा पर तैनात करने पर विचार कर रही है। जिससे भारत की सैन्य शक्ति में भारी बढ़ोतरी हो सकती है।

राफेल विमान

राफेल विमान

भारत ने हाल  ही में रूस से ख़रीदे गए राफेल विमानों को अपग्रेड करने को कहा था, जिससे अब इस विमान में पहले से भी ज्यादा आधुनिक हथियार वा ने जरुरी चीजों को लगाया गया है। जिसे जल्द ही भारत में आने की संभावना है, सूत्रों की मानें तो इस माह जुलाई के अंत तक ही रूस भारत को राफेल विमान भेज देगा।

जिसके बाद भारतीय सेना की हवाई ताकत पहले भी अधिक मजबूत हो जाएगी, बता दें की अभी तक भारत के पास  सुखोई-30 और मिराज-2000 जैसे खतरनाक वायुयान मौजूद हैं लेकिन राफेल अभी तक का सबसे खतरनाक और एडवांस वायुयान है जिसमें कई खूबियां हैं। जिसके चलते वायु सेना तत्कालीन परिस्तिथियों के चलते इस विमान को सीमा पर तैनात करना चाहिए हैं।

राफेल विमान को सीधा सीमा पर भेजने का क्या कारण हो सकता है

चीन से बढ़ते तनाव के बीच एयर मार्शल आरकेएस भदौरिया टॉप एयरफोर्स कमांडरों के साथ अहम बैठक करने जा रहे हैं। जिसमें दो दिनों तक यह बैठक चलेगी और इस बैठक में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर मौजूदा हालातों का जायजा लिया जाएगा। जिससे आगे की रणनीति को बेहतर किया जा सके।

लम्बे समय से भारत और चीन के बीच सीमा विवाद चल रहा है, जिसके बाद से भारत ने कई बड़े कदम उठाएं हैं जैसे की भारत में चीनी एप को बंद करना, चीन के टेंडरों को ख़त्म करना, और बॉर्डर पर अपने फोर्सेज को बढ़ाना।

अभी तक भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बॉर्डर पर जाकर सैनिकों का हौसला बढ़या है और अब समय है हथियारों से सैनिकों का मनोबल बढ़ाने का जिसके चलते भारत ने कई देशों जैसे की रूस और अमेरिका से कई हथियारों की मांग की है।

जिसमें राफेल भी एक है, इस विमान को बॉर्डर पर लगाने का सबसे मुख्य कारण इस विमान का बहुत ज्यादा एडवांस होना ही है, क्योंकि यह विमान काफी दूर तक प्रहार कर सकता है और साथ ही रेडार में भी यह नजर नहीं आता है। जिससे चीन की तरफ से या पाकिस्तान की तरफ से अगर कोई पहल होती है तो राफेल मुँह तोड़ जवाब दे सकता है।

किस प्रकार से भारतीय सेना राफेल विमान पर विचार कर रही है

हाल  ही ख़बरों के अनुसार राफेल विमान को भारत के सुखोई-30 और मिराज-2000 के साथ ही बॉर्डर पर तैनात किया जाएगा लेकिन इस बैठक के बाद जुलाई के अंत तक राफेल विमानों को वायुसेना में ऑपरेशनल स्टार पर लाने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जाएगा।

बता दें की भारत के पास पहले से ही सुखोई-30 और मिराज-2000 जैसे घातक वायुयान उपलब्ध है लेकिन राफेल के आने से अब भारत को अपने पडोसी देशों के वायुयानों के मुकाबले बढ़त मिलेगी, इसके साथ ही इस विमान के तैनात होने से दक्षिण एशिया में मनोवैज्ञानिक असर भी पड़ेगा।

राफेल के आने से भारतीय वायुसेना कैसे मजबूत हो सकती है

क्योंकि भारत के पास पहले से ही सुखोई-30 और मिराज-2000 मौजूद है, जिन्हे पहले से ही भारतीय सीमा पर तैनात किया गया है। लेकिन राफेल के सेना में शामिल होने से भारत की लम्बी दूरी की मारक क्षमता अब पहले से काफी बढ़ जाएगी इसके साथ ही इस विमान में कई प्रकार के ट्रैकिंग सिस्टम भी मोजोद हैं, जोकि सीधा हेडक्वार्टर के साथ कनेक्ट रहते हैं।

जिसकी वजह से बॉर्डर पर होने वाली गतिविधियों की सीधी जानकारी हेडक्वार्टर को मिलती है, जिससे सेना किसी भी प्रकार की परिस्थिति के लिए तैयार हो सकती है और साथ ही आगे की रणनीति बना सकती है।

राफेल की तीसरी सबसे ख़ास बात यह है की यह विमान बहुत ही निचले स्तर पर उड़ान भर सकता है, जिससे बॉर्डर पर दुश्मन के बैरक इत्यादि को आसानी से निशाना बनाया जा सकता है और दुश्मन की सैन्य शक्ति को चोट पहुंचाई जा सकती है।

इन सभी कारणों से राफेल का भारत को मिलने से भारत की सैन्य शक्ति में इजाफा हो सकता है जोकि मौजूदा हालतों को देखते हुए बहुत जरुरी भी है।

राफेल के साथ और कौन से विमान तैनात किये जाएंगे

वायुसेना की बैठक में भारत के साथ लगती चीन की सीमा पर चीनी गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी, रिपोर्ट के मुताबिक दो दिनों की बैठक में 22 जुलाई से प्रस्तावित हैं, जिसके लिए भारतीय वायुसेना ने आधुनिक लड़ाकू विमानों के पूरे बेड़े को फॉरवर्ड बेस पर तैनात कर दिया है।

जिनमें सुखोई-30, मिराज-2000 के साथ-साथ अपाचे हेलीकाप्टर को भी तैनात किया गया है। जिससे यह विमान भारतीय सीमा पर उड़ान भर रहे हैं तो सीमा पर होने वाली गतिविधियों को समीक्षा कर रहे हैं।

In Conclusion

भारत को राफेल मिलने के बाद भारतीय वायु सेना की ताकत पहले से अधिक बढ़ जाएगी क्योंकि राफेल अभी तक का सबसे आधुनिक वायुयान है, जिसमें कई खूबियाँ है। इस विमान के भारत में आने के बाद भारत पहले से ज्यादा मजबूत होगा और किसी भी तरह की परिस्थिति से निपटने के लिए पूर्ण सक्षम होगा।

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