मायावती ने अरविन्द केजरीवाल पर साधा निशाना, कहाँ केंद्र सरकार दखल दे

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मायावती: नमस्कार, जैसा की हम सभी जानते हैं की दिल्ली सरकार ने हाल ही में यह बड़ा फैसला की है कि अब दिल्ली के अस्पतालों में सिर्फ और सिर्फ दिल्ली वासियों का ही इलाज होगा। जिस पर निशाना साधते हुए UP की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती जी कहाँ की इस पर केंद्र सरकार को दखल देना चाहिए।

मायावती

दिल्ली के अस्पतालों में होगा सिर्फ दिल्ली वालों का इलाज

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने 07 जून 2020 को एक बड़ा फैसला लेते हुए कहा की अब दिल्ली के अस्पतालों में सिर्फ और सिर्फ दिल्ली के लोगों का ही इलाज होगा, हलाकि अपने इस बयान में उन्होंने एक बात साफ़ कर दी थी की दिल्ली में जितने भी केंद्र सरकार के हॉस्पिटल हैं वह सभी लोगों के लिए खुले रहेंगे।

इस बयान के बाद से राजनीती होनी शुरू हो गयी, लेकिन कोई भी खबर जब तक पूरी ना हो तब तक उस खबर पर पूरी तरह से यकीन करना मूर्खतापूर्ण ही होता है। इसलिए हम सभी के लिए  यह जानना अति आवश्यक है की अगर दिल्ली सरकार ने ऐसा फैसला किया है तो जो लोग दिल्ली के नहीं है और किसी कारण वस वह दिल्ली गए हुए हैं और अचानक उनकी तबियत ख़राब हो जाए तो ऐसी स्तिथि में क्या होगा ?

इस  सवाल का जवाब जानने के लिए हमारे लिए यह जानना बहुत ही जरुरी है की आखिर दिल्ली सरकार ने यह फैसला क्यों किया और दिल्ली के बाहर वालों के लिए क्या सुविधा रहेगी।

केंद्र के हॉस्पिटलों में इलाज पर रोक नहीं

दिल्ली सरकार ने की कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया है की दिल्ली के जितने भी प्राइवेट हॉस्पिटल हैं अब वह सिर्फ दिल्ली के लोगों का ही इलाज करेंगे, वहीँ केन्द्र सरकार के हॉस्पिटल जैसे एम्स, सफरदरजंग,  और राम मनोहर लोहिया में सभी लोगों का इलाज किया जाएगा।

इसके साथ ही यह बात भी साफ़ कर दी गयी है कि दिल्ली के प्राइवेट हॉस्पिटल जोकि स्पेशल सर्जरी करते हैं जोकि देश की किसी अन्य हिस्से में नहीं होती है  उनको करवाने कोई भी आ सकता है, इस बात पर कोई भी रोक नहीं है।

दिल्ली सरकार ने अस्पतालों के सम्बन्ध में यह फैसला क्यों लिया

केजरीवाल के मुताबिक, कमिटी ने खा है की दिल्ली को जून के अंत तक 15 हजार कोविड बेड चाहिए होंगे, जिसमे से अभी दिल्ली के पास कुल 9 हजार बेड उपलब्ध हैं। जिसके सम्बन्ध में दिल्ली के डॉक्टरों का कहना है की अगर दिल्ली के अस्पताल सभी लोगों के लिए  खोल दिए गए तो यह 9 हजार बेड सिर्फ 3 दिन में भी भर जाएंगे।

जिस कारण दिल्ली के डॉक्टरों ने दिल्ली सरकार को  यह सुझाव दिया है की अगर हम दिल्ली के अस्पतालों में सिर्फ और सिर्फ दिल्ली के निवासियों का ही इलाज करते हैं तो हम इस बेड की कमी से होने वाली  दिक्कतों से काफी हद तक निपट सकते हैं।

दिल्ली हॉस्पिटल को लेकर मायावती का बयान

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने Twitter पर ट्वीट करते हुए कहा कि- दिल्ली देश की राजधानी है, जहाँ पूरे देश से लोग अपने जरुरी काम से आते रहते हैं, ऐसे में यदि कोई व्यक्ति अचानक बीमार पड़ जाता है तो उसको यह कहकर की वह दिल्ली का नहीं है इसलिए दिल्ली सरकार उसका इलाज नहीं होने देगी, यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण है। जिसके लिए केंद्र सरकार को दखल देना चाहिए।

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