10 आर्थिक मंदी से बचने के कुछ महत्वपूर्ण उपाय

0
89

आर्थिक मंदी: नमस्कार दोस्तों, आज के इस पोस्ट में हम लोग आर्थिक मंदी से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों पर बात करेंगे, और समझेंगे की हम इस आर्थिक मंदी से किस प्रकार बच सकते हैं।

आर्थिक मंदी

आर्थिक मंदी

सबसे पहला सवाल यह है की आर्थिक मंदी क्या है ? जब देश में सामान को खरीदने के लिए लोगों के पास पैसे ना हों, साधारण भाषा में बेरोजगारी बढ़ जाए, देश में विदेशी मुद्रा का आगमन ना हो, व्यापर में लगातार घाटा होने लगे, बैंक दिवालिया होने लगे तब ऐसे हालातों को ही आर्थिक मंदी कहा जाता है।

अभी तक भारत में वर्ष 2008 एक सिर्फ 1% की आर्थिक मंदी हुई थी और  को हिला कर रख दिया था। हर तरफ लोग परेशान थे और अब फिर से यह अंदाजा लगाया जा रहा है की अकेले भारत में ही 14% से 15% तक की आर्थिक मंदी हो सकती है।  आर्थिक मंदी को थोड़ा और गहराई से समझने के लिए हम आपको 4 मुख्य बातें बताते हैं-

  1. निजी निवेश
  2. सरकारी खर्च
  3. घरेलु उपभोग
  4. निर्यात

जब इन 4 चीजों पर फर्क पड़ने लगे तब समझ जाइये की अब आप आर्थिक मंदी की चपेट में आने लगे हैं। यह ऐसे हालात होते हैं जिसमे कोई भी कुछ नहीं कर सकता, लोग सरकार को दोष देना शुरू करते हैं और सरकार इस बात से परेशान होती है की आखिर पैसा लाएँ भी तो कहा से लाएँ।

इसलिए हमारे लिए यह जरुरी है की हमें ही समय रहते कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने चाहिए, जिससे इस आर्थिक मंदी को कम किया जा सके। जिसके लिए आज हम आपको ऐसे ही 10 तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं।

10 आर्थिक मंदी से बचने के उपाय

01. नकदी रखने से बचें

आम आदमी का व्यापर पर और सरकार पर बहुत अधिक प्रभाव होता है क्योंकि जब हम किसी भी वस्तु को खरीदते हैं, तो उस पर हम Tax देते हैं जोकि सरकार को मिलता है वही दूसरी तरफ जब कोई कंपनी किसी वास्तु को बेचती है तो उसे भी Tax देना होता है, जिसके वजह से सरकार के पैसे पहुंचते हैं और वह मंदी के समय उनका इस्तिमाल करती है।

इसके साथ ही साथ जब हम वस्तुओं को खरीदते हैं तो वह वस्तु जिस कंपनी के द्वारा बनायीं गयी है उसके कर्मचारियों को भी वेतन मिलता है। इसलिए हमारी खरीद का सीधा प्रभाव देश पर पड़ता है। अब इसका यह अर्थ बिलकुल भी नहीं है की  आप बाजार से कुछ भी खरीदें, आप सिर्फ अपने जरुरत की चीजें ही खरीदें लेकिन पैसों को रखने से बचें।

02. बचत बढ़ाने के करे उपाय

जब हम पैसों का व्यय (खर्च) करेंगे तो हमारे पास उतने पैसे होने भी चाहिए जोकि हमारी  जरुरत के समय काम आएं, इसके लिए जरुरी है की आप Extra Source of Income अर्थात कमाने का कोई अतिरित्क तरीका भी खोजें,  जिससे आपके पास अधिक पैसे आ सकें।

इसके अलावा एक और विकल्प है, क्योंकि ऐसा माना जाता है की पैसा बचाना भी पैसा कमाने के बराबर ही होता है, इसलिए अगर आपको कोई Extra Source of Income नहीं मिल पा रही तो आपके लिए बेहतर है की आप पैसे को फिजूल खर्च से बचा सकते हैं।

अब फिजूल खर्च किस तरह से बचा सकते हैं, जैसे की बहार खाना खाने कम से कम जाऐं, पिकनिक इत्यादि कम कर दें और विदेश यात्रा या किसी अन्य राज्य में जाना सिर्फ घूमने के लिए तो इसे कम कर दें जिससे आपके बहुत पैसे बच सकते हैं।

03. अपने काम को अहमियत देना

हम  सभी अपने जीवन को संचालित रूप से चलाने के लिए कोई काम तो जरूर ही करते हैं जिसे साधारण भाषा में नौकरी भी कहते हैं। अब आर्थिक मंदी के हालत में आपको अपने नौकरी को थोड़ी अहमियत जरूर देनी चाहिए। क्योंकि कहते हैं अगर सावधानी हटी तो दुर्घटना घाटी।

अर्थात आपकी एक लापरवाही आपकी नौकरी को खतरे में डाल सकती है, इसलिए ऐसे हालातों में आप अपने काम को पूरी अहमियत दें।

04. मेडिकल इन्सुरेंस

आज के  समय में प्रदूषण बहुत है, बीमारियाँ भी बहुत है और घर में कभी न कभी किसी न किसी को कोई न कोई शारीरिक परेशानी अक्सर हो ही जाती है, अब यह तो हम सभी जानते हैं की एक बार हॉस्पिटल जाने का मतलब लाख रूपए का खर्च होता है।

आप इस खर्च को मेडिकल इन्सुरेंस की मदद से पूरा कर सकते हैं। जिससे आपको बीमारी पर कम खर्च हो और आप अधिक पैसे बचा सकें। इसलिए अगर आपने अभी तक अपना और अपने परिवार का मेडिकल इन्सुरेंस नहीं कराया ही करा लें।

05. कर्ज ना लें

ऐसे हालातों में अक्सर लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए कर्ज की तरफ बढ़ते हैं, जिसका मतलब है आपके पास पहले ही कम पैसे थे और अब आपको कर्ज भी चुकाना है। इसका सीधा प्रभाव आपके आने वाले समय पर पड़ सकता है।

इसलिए आपके लिए बेहतर होगा की आप अपनी जरुरत या अपने जीवन यापन का तरीका थोड़ा सा बदलें, महँगी चीजों को खरीदने के लिए कर्ज बिलकुल ना लें और अगर बहुत ही ज्यादा जरुरत है तभी आप कर्ज लें अन्यथा ना लें।

06. कर्ज चुकाने की जालिद कोशिश करें

अब अगर आप ऐसे हालातों में कर्ज में फंस गए हैं तो आपके लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है की आप उस कर्ज से जल्द से जल्द बहार निकलें, जोकि वास्तविक हालातों के अनुकूल सायद ना हो ऐसे में आपके लिए जरुरी है की आप मासिक आमदनी का कुछ हिस्सा अलग करें, अपने जीवन यापन के लिए खर्च होने वाले पैसों का बजट बनाएं जिससे आप जल्द से जल्द कर्ज से मुक्ति पा सकें।

07. प्रॉपर्टी में निवेश न करें

प्रॉपर्टी एक ऐसी चीज है जोकि ना तो कही आनी है और ना ही कहीं जानी है, इसलिए बेहतर यह है की आप प्रॉपर्टी में बिलकुल भी निवेश ना करें क्योंकि प्रॉपर्टी खरीदने में एक बार में ही अत्यदिक पैसे जाते हैं और मंदी के हालत में अगर आप उस प्रॉपर्टी को बेचना चाहें तो जल्दी कोई खरीदार आपको नहीं मिलने वाला है।

इसलिए आपको प्रॉपर्टी में पैसे डालने से बचना चाहिए और अधिक से अधिक पैसों को बचाना चाहिए, जिससे आप अपने जरुरत की चीजों पर उन्हें खर्च कर सकें।

08. इमरजेंसी फंड बनाएँ

हम सभी को कभी न कभी इमरजेंसी होती है जिसमें हमें कुछ पैसों की  जरुरत पड़ती है, तो ऐसे में आपके लिए बेहतर यह है की आप आज से ही अपना एक इमरजेंसी फंड बनाए, जिसका आप जरुरत के वक़्त इस्तिमाल कर सकेंगे। इससे आपको जो भी आपकी मासिक आय है उसमें कोई फर्क नहीं पड़ेगा और ना ही आपको कर्ज लेने की जरुरत होगी।

09. तनाव में नहीं आए

आर्थिक मंदी के दौरान हालत बहुत ही ख़राब हो जाते हैं ऐसे में आपके लिए बेहतर यही है की आप सैयाम बनाए रखें, तनाव में बिलकुल ना आएं क्योंकि मंदी थोड़ी लम्बी जरूर हो सकती है लेकिन इसके बाद हालत फिर से सुधरते हैं।

इसके साथ ही अगर आप तनाव में आ जाएंगे तो आपके साथ-साथ आपके घर का माहौल भी तनाव पूर्ण  हो जाएगा, जिससे परेशानी और भी बढ़ सकती है। इसलिए सय्यम रखना बहुत ही जरुरी है।

10. सेल्फ डिपेंडेंट बने

जैसा की हमने यह भी कहा था की आपको Extra Income के Source को देखना चाहिए, इसका एक पहलु यह भी हो सकता  अपने घर के लोगों को की मदद करें उन्हें Job दिलाने में या कोई Business सुरु  करने में जिससे वह Self Depended बन सकें और जरुरत पड़ने पर वह आपकी भी सहायता कर सकें।

In Conclusion

सामाजिक स्तिथि को बदलने और हालातों को बेहतर बनाने के लिए हमें इन तरीकों का जरूर ध्यान देना चाहिए इसके अलावा अगर आपका भी कोई सुझाव हो तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं, हम आपके सुझाव को भी इस पेज में जरूर डालेंगे।

पोस्ट को पूरा पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद और अगर यह जानकारी आपको पसंद आयी तो इसे शेयर जरूर करें।

इन्हें भी जरूर देखें