Facebook विवाद क्या है, क्यों फेसबुक पर इतनी राजनीती हो रही है

0
30

Facebook विवाद: नमस्कार विश्लेषण के इस भाग में हम Facebook विवाद का विश्लेषण करेंगे की आखिर क्यों BJP और Congress पार्टी इस तरह की बयान बाजी कर रहे हैं।

Facebook

Facebook

नमस्कार, हाल की ख़बरों में आपने सुना होगा की कई राजनितिक पार्टियाँ आज फेसबुक और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर सवाल खड़े कर रहे हैं। कुछ राजनितिक पार्टियों का कहना है की फेसबुक बीजेपी के अनुसार काम कर रही है  और भारत में हिंसा फैलाने का काम कर रही है। आखिर इस बात में कितनी सच्चाई हैं, ये पूरा मामला क्या है, आखिर क्यों सभी राजनितिक पार्टियाँ इस प्रकार की बात कह रही हैं ?

इन सभी सवालों के जवाब आपको इस पेज में मिल जाएंगे तो इसे पूरा जरूर पढ़ें।

Facebook विवाद

सबसे पहले यह समझ लेते हैं की आखिर यह विवाद हो क्यों रहा है, अमेरिकी अख़बार वॉल स्ट्रीट जनरल में ‘ फेसबुक हेट स्पीच रूल्स कोलाइड विद इंडियन पॉलिटिक्स’ हेडिंग के साथ प्रकाशित हुई रिपोर्ट के बाद यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है। इस रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि फेसबुक भारत में सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी के नेताओं द्वारा भड़काऊ भाषा के मामले में नियम कायदों में ढील बरतती है।

इस रिपोर्ट में तेलंगाना के बीजेपी सांसद ‘टी राजा सिंह’ की एक पोस्ट का जिक्र है। असल में टी राजा सिंह ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया था जिसमें मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा की वकालत की गयी है, ऐसी पोस्ट किसी भी समाज या समुदाय के लिए ठीक नहीं है और इसी को आधार मानते हुए अमेरिकी अख़बार ने खबर छापी थी।

टी राजा सिंह की पोस्ट पर फेसबुक ने क्या एक्शन लिया

फेसबुक की टीम ने इस पोस्ट पर एक्शन लेने के लिए इस पोस्ट का विरोध किया और इसे कंपनी के नियमों के खिलाफ माना था,  लेकिन कंपनी के भारत में टॉप लेवल पर बैठे अधिकारीयों ने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया था।

यहाँ इस बात की पुष्टि हो जाती है की फेसबुक एक्शन लेना चाहती थी लेकिन भारत में बैठे अधिकारीयों ने कोई एक्शन नहीं लिया जिसकी वजह से वह पोस्ट फेसबुक पर पोस्ट हुई और विवाद का कारण बनी।

Facebook विवाद में किन राजनितिक पार्टियों ने भाग लिया

अब क्योंकि कोई आपाती जनक पोस्ट हो और उसपे राजनीती ना हो ऐसा भारत में तो नहीं हो सकता है और होना भी नहीं चाहिए क्योंकि विरोध करने से ही सही चीजें सामने आती हैं, तो बात करते हैं की किन राजनितिक पार्टियों ने इस खबर के अनुसार विरोध किया था।

सबसे पहले सामने आयी कांग्रेस पार्टी, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ‘राहुल गाँधी’ ने आरोप लगाया की भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) फेसबुक और व्हाट्सप्प को नियंत्रित करते हैं और इसके जरिये वह नफरत फैलाते हैं।

बता दें यह बात कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक राहुल गाँधी द्वारा अमेरिकी अख़बार में छपी खबर के अनुसार किया है था। अब इस पर बीजेपी ने भी पलटवार किया रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट किया, ‘जो लूजर स्वयं अपनी पार्टी में भी लोगों को प्रभावित नहीं कर सकते हैं वे इस बात का हवाला देते रहते हैं की पूरी दुनिया को बीजेपी और आरएसएस नियंत्रित करती है’ इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया।

राहुल गाँधी कहते हैं की पूरी दुनिया पर बीजेपी और आरएसएस का नियंत्रिण है लेकिन चुनाव से पहले डेटा को हथियार बनाते हुए आप रंगे हाँथ पकडे गए थे, जिसमें उन्होंने केम्ब्रिज एनालिटिक और फेसबुक से आपका गठजोड़ पकड़ा गया था।

इसके बाद रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘तथ्य यह है  की आज सूचना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है अब यह आपके परिवार द्वारा नियंत्रित नहीं किया जाता है और इसलिए आपको दुःख होता है ख़ैर आपने बेंगलूर हिंसा की निंदा नहीं की आपकी हिम्मत कहाँ चली गयी’

रविशंकर प्रसाद के ट्वीट पर कांग्रेस का पलटवार

अब तक रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर टिपण्णी की तो कांग्रेस ने भी पलटवार किया जिसके लिए कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, ‘ऐसा लगता है की झूठे ट्वीट और झूठे एजेंडा ही एकमात्र राष्ट बन गया है, कांग्रेस ने कभी केम्ब्रिज एनिलिटिका की सेवाएं नहीं ली’ इसके साथ ही सुरजेवाला ने दावा की कि बीजेपी कैम्ब्रिज एनेलिटिका की क्लाइंट रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने कोट किया कि क़ानून मंत्री यह क्यों नहीं बताते हैं।

फेसबुक की सफाई

फेसबुक ने अपनी सफाई में रविवार को कहा, ‘हम हेट स्पीच और ऐसी सामग्री पर बंदिश लगाते हैं जोकि हिंसा को भड़काता है। हम ये  नीति वैश्विक स्टार पर लागू करते हैं हम किसी की राजनितिक स्थिति या जिस भी पार्टी से नेता संबंध रख रहा है, नहीं देखते हैं’ इसके आगे फेसबुक प्रवक्ता ने कहा, ‘हम जानते हैं की इस क्षेत्र में (हेट स्पीच और बड़काऊ कंटेंट को रोकने) और ज्यादा काम करने की जरुरत है हम आगे बढ़ रहे हैं निष्पक्षता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी प्रक्रिया का नियमित ऑडिट करते हैं’

क्या फेसबुक पर पहले भी ऐसे आरोप लगे हैं

बता दें की यह पहली बार नहीं है जब फेसबुक को लेकर सवाल खड़े हुए हैं, अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने उन पांच बातों के उल्लेख के साथ एक रिपोर्ट में बताया की फेसबुक के नेटवर्क और डेटा का इस्तेमाल डोनाल्ड ट्रंप  के चुनावी मुहीम को बढ़ावा देने के लिए किया गया है।

विश्लेषण का सारांश

आज का समाज आधुनिक होने के साथ-साथ डिजिटल भी होता जा रहा है, आज भारत के ज्यादातर लोग फेसबुक का इस्तिमाल करते  करते हैं, क्या आपको मालूम है की आप फेसबुक या किसी भी अन्य सोशल नेटवर्क पर जो कुछ भी सर्च करते हैं उसे एक हिस्ट्री की तौर पर सेव  किया जाता है।

इसी हिस्ट्री के अनुसार सोशल मीडिया साइट्स आपको Advertisements दिखाती है और मुनाफा कामाती है, लेकिन राजनितिक पार्टियों का डाटा इस्तिमाल करने से अब आपकी गोपनीयता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। हमारा मानना है की किसी भी धर्म या राजीनीतिक पार्टी के बारे में गलत पोस्ट करना सोशल मीडिया में बैन होना चाहिए जिससे इस प्रकार के विवाद आगे ना खड़े हों।

आपका इस पूरे विश्लेषण में क्या विचार हैं हमें कमेंट करके जरूर बताएं और ऐसे ही लेटेस्ट ख़बरों से अपडेट रहने के लिए हमारे साथ जुड़े रहें धन्यवाद।

इन्हें भी जरूर देखें