Corona Virus के दौर में Mask जरुरी है लेकिन यह खतरनाक कैसे हो गया है

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Corona Virus: नमस्कार आज के इस Article में हम आपको बताने वाले हैं की इस Corona Virus के दौर में Mask खतरा कैसे बन रहा है।

Corona Virus

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हम सभी जानते हैं की सरकरी गाइडलाइन और अपनी खुद की सुरक्षा के लिए Mask को पहनना हम सभी के लिए जरुरी है लेकिन यही मास्क अब दुनिया के लिए खतरा बनता जा रहा है। बता दें की जब से भारत में कोरोना वायरस की सुरुवात हुई है तभी से सार्वजानिक स्थानों पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। लेकिन अब यही मास्क प्रदूषण को बढ़ाने का काम कर रहा है।

अब सवाल आता है की मास्क से किस तरह से प्रदूषण हो रहा है या हो सकता है ? यहाँ सबसे पहले यह समझना जरुरी है की हमें कितने प्रकार के मास्क बाजार में मिलते हैं। Normally आपको बाजार में दो प्रकार के ही मास्क मिलते हैं-

  1. Disposable Mask
  2. Non-Disposable Mask

Difference Between Disposable Mask and Non-Disposable Mask

Disposable Mask को Re-Use Mask भी कहा जा सकता है क्योंकि यह कपडे के बने होते हैं और इन्हे धूल कर दोबारा इस्तिमाल किया जाता है। लेकिन Non-Disposable Mask में Plastic मिला होता है, आमतौर पर आपको यह बाजार में 10 रूपये से 20 रूपये में ही मिल जाते हैं।

अब प्लास्टिक मिला होने के कारण यह मास्क प्रदूषण को बढ़ाने का काम कर रहे हैं, Non-Disposable Mask को आज ज्यादातर लोग इस्तिमाल कर रहे हैं। जिससे जब वह मास्क गन्दा हो जाता है या पहनने योग्य नहीं होता है तो लोग उसे इधर-उधर फेंक देते हैं।

यूरोपीय देशों में हाल ही एक सर्वे में यह पाया गया है की वहां की नदियों, तालाबों और समुद्र में Non-Disposable Mask पाए जा रहे हैं, जिसकी वजह से जलीय जीवों के जीवन पर बहुत असर हो रहा है, कभी वह इन मास्क में फंस कर मर जा रहे हैं तो कभी उसे खा कर बीमार हो जा रहे हैं। जिसकी वजह से आने वाले समय में Food Chain पर बुरा असर हो रहा है।

अब ऐसा ही कुछ हाल भारत में भी है, लोन मास्क को इधर-उधर फेंक दे रहे हैं, जिसकी वजह से गाय,  भैंस, बन्दर वा अन्य सड़कों पर पाए जाने वाले जानवर उन मास्क को खा लेते हैं और बीमार होकर मर जाते हैं। इसके साथ ही छोटे बच्चे या गरीब बच्चे इन्हीं मास्क का इस्तिमाल कर रहे हैं जिसकी वजह से उनमें संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है।

मास्क से होने वाले नुकसान से कैसे बचें

इस प्रकार के प्रदुषण से बचने के लिए हम सभी को जागरूक होना होगा, और मास्क को इधर-उधर फेंकना बंद करना होगा, जिससे भारत में भी विदेश की तरह इस्तिथि ना बिगड़ें। चलिए यह जानते हैं की विदेश में लोगों को इन मास्क के बारे में क्या हिदायत दी गयी है। क्योंकि अगर हम भी इन्हे फॉलो करें या इनसे प्रेरणा लें तो हमारे भारत में इस प्रकार की समस्या से समय पर ही निपटा जा सकता है।

विदेशों में कहा जा रहा है कि Non-Disposable Mask को इधर-उधर ना फेंकें, इन्हे ग्रीन डस्टबिन अर्थात सूखा कचरा पट्टी में ही फेंकें जिससे इसकी उचित व्यवस्था की जा सके।

इसके साथ ही अगर आपके आस-पास ग्रीन डस्टबिन ना हो तो मास्क को ब्लैक पोलेथिन में डालकर तब कूड़ेदान में डालें, जिससे यह समझा जा सके कि इसमें कुछ आपत्तिजनक सामान है, इसके साथ ही मास्क को फेंकने से पहले उसके रबर बैंड को जरूर निकाल लें, जिससे कोई जलीय जीव उसमें फंस ना सके और यह मास्क भी एक दुसरे से उलझ कर ज्यादा बड़ी समस्या ना बन सकें।

In Conclusion

विदेशों में दिए गए निर्देशों के अनुसार अगर हम भी इन्हीं चीजों को फॉलो करें अर्थात Non-Disposable Mask को इधर-उधर फेंकने की बजाय, ग्रीन डस्टबीन में ही डालें तो इससे पर्यावरण को बचाया जा सकता है। उम्मीद है यह छोटी सी जानकारी आपको पसंद आयी होगी और अब आप भी इस प्रकार के मास्क को इधर-उधर ना तो खुद फेंकेंगे और ना दूसरों को फेंकने देंगे।

इस जानकारी को अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ जरूर शेयर करें जिससे उन्हें भी यह पता चल सके की Corona Virus से तो हमें बचना ही है लेकिन पर्यावरण को भी बचाना है जिससे किसी अन्य प्रकार की समस्या ना खड़ी हो सके।

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