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कोरोना वायरस का डबल म्यूटेंट क्या है और कितना खतरनाक है पूरी जानकारी

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कोरोना वायरस का डबल म्यूटेंट: नमस्कार, जैसा की आप सभी जानते हैं की फ़िलहाल भारत में कोरोना वायरस बहुत ही तेजी से फ़ैल रहा है और अब खबर आ रही है की भारत में कोरोना वायरस का डबल म्यूटेंट पाया गया है। जिसको लेकर बहुत सारे सवाल है जैसे- क्या कोरोना वायरस का डबल म्यूटेंट ज्यादा खतरनाक है, क्या इसका इलाज है और हमें कब तक इससे राहत मिल सकती है।

कोरोना वायरस का डबल म्यूटेंट

कोरोना वायरस का डबल म्यूटेंट

सबसे पहले हम यह जान लेते हैं की आखिर कोरोना वायरस का डबल म्यूटेंट है क्या ? वैज्ञानिक तौर पर इस वायरस को B.1.617 नाम दिया गया है जोकि E484Q और L452R से मिलकर बना है। आम भाषा में कहें तो यह कोरोना वायरस का बदला हुआ रूप है जिसमें अब तक 2 बार बदलाव हो चूका है। आमतौर पर वायरस के जीनोमिक वेरिएंट में बदलाव होना आम बात है क्योंकि वायरस खुद को लम्बे समय तक प्रभावी रखने के लिए लगातार अपने जेनिटक संरचना में बदलाव लाते रहते हैं।

जिससे उन्हें मारा ना जा सकें। वायरस में डबल म्यूटेंट तब होता है जब वायरस के 2 म्यूटेटेड स्ट्रेन आपस में मिलते हैं और तीसरा वायरस स्ट्रेन बनता है। यहाँ हम आपको बता दें की यह नया डबल म्यूटेंट वायरस जिन 2 E484Q और L452R से मिलकर बना है इसमें L452R स्ट्रेन संयुक्त राज्य अमेरिका के कैलिफोर्निया में पाया गया है और E484Q भारत में पाया गया है।

हालात अभी यह है की दोनों स्ट्रेन मिलकर एक तीसरा स्ट्रेन B.1.617 बना चुके हैं जोकि भारत में बहुत ही तेजी से फ़ैल रहा है।

भारत में यह डबल म्यूटेंट स्ट्रेन वायरस सबसे पहले कहाँ पाया गया है

महाराष्ट्र, भारत में इस डबल म्यूटेंट कोरोना वायरस की खोज सबसे पहले महाराष्ट्र में हुई थी और इसके बाद दिल्ली, पश्चिम बंगाल, गुजरात, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में यह वायरस तेजी से  फ़ैल रहा है।

भारत में कोरोना वायरस का डबल म्यूटेंट मिलने से दुनिया पर इसका क्या असर हो रहा है

जिस प्रकार से भारत में कोरोना वाइरस की रफ़्तार लगातार बढ़ रही है और इसके साथ ही यह कोरोना वायरस का डबल म्यूटेंट मिलने से दुनियाभर के कई देशों जैसे अमेरिका, ब्रिटेन और पाकिस्तान ने भारत को रेड लिस्ट में डाल दिया है। अर्थात अब इन देशों में और आने वाले समय में कई देशों में भारत के लोगों की एंट्री पर बैन लगेगा।

आपको बता दें की अभी तक कोरोना का यह नया वेरिएंट दुनियाभर में 10 देशों में पाया गया है।

क्या यह डबल म्यूटेंट ज्यादा खतरनाक है

कोरोना वायरस पहले से ही बहुत खतरनाक है लेकिन E484Q और L452R के मिल जाने से संक्रमण की दर बहुत ही तेजी से बढ़ गयी है। क्योंकि यह दोनों ही म्यूटेशन ज्यादा संक्रमण दर के लिए जाने जाते हैं और पहली बार यह दोनों म्यूटेशन एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जिसकी वजह से कोरोना वायरस के फैलने की रफ़्तार तेजी से बढ़ी है जिससे यह वायरस पहले से कई गुना ज्यादा संक्रामक और खतरनाक हो गया है।

कोरोना वायरस के डबल म्यूटेंट से शरीर में क्या परिवर्तन आते हैं

हम सभी यह जानते हैं की जब कोई वायरस हमारे शरीर के अंदर प्रवेश करता है तो हमारा शरीर उस वायरस को तेजी से बढ़ाने लगता है और जब यह वायरस तेजी से  बढ़ने लगता है तो हमारा शरीर तेजी से एंटीबाडी बनाने लगता है जिससे इस वायरस को ख़तम किया जा सकें।

अब समस्या यह है की जब वायरस में म्यूटेशन होता है तो वायरस पहले से कमजोर हो जाता है लेकिन जब कई बार म्यूटेशन होता है तो नतीजा खतरनाक होता है क्योंकि इससे वायरस पहले से ज्यादा ताकतवर हो जाता है। यही कारण है जब यह वायरस हमारे शरीर में पहुँचता है तो तेजी से बढ़ने लगता है और हम जल्दी ही बीमारी की गंभीर अवस्था में पहुंच जाते हैं।

क्या कोरोना की वैक्सीन इसे रोकने में कारगर है

निश्चित रूप से ऐसा कहना फ़िलहाल संभव नहीं है क्योंकि अभी इसकी जांच चल रही है, लेकिन अगर हम कोरोना वैक्सीन के रिजल्ट को देखें और समझें की यह वैक्सीन काम कैसे कर रही है तो बिलकुल यह असरदार है। इस बारे में  विशेषज्ञों की माने तो कोरोना वैक्सीन से ऐसा नहीं है की आपको कोरोना नहीं होगा, क्योंकि इस वैक्सीन के लगने से हमारे शरीर में एंटी बॉडी तेजी से बनता है, जोकि वायरस को नुकसान पहुंचाने से रोकता है।

इसलिए अगर वैक्सीन लगने के कुछ दिनों के बाद आप इस वायरस की चपेट में आ जाते हैं तो आप बीमार जरूर होंगे लेकिन मृत्यु की संभावना बहुत कम होगी, इसीलिए अगर आपने अभी तक वैक्सीन नहीं लगवाई है तो जरूर लगवाएं।

क्या हमें कोरोना वायरस से राहत मिल सकती है

बिलकुल हां, जब देश में सभी वर्ग के लोगों को वैक्सीन लग जाएगी तब सभी लोगों का शरीर इस वायरस से लड़ने के योग्य होगा और हमें इस वायरस से निजात मिल जाएगी।

In Conclusion

कोरोना वायरस का डबल म्यूटेंट पहले से अधिक सक्रीय और खतरनाक है इसलिए हमेशा मास्क का प्रयोग करें, हांथों को सेनेटाइज़ करें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, जिससे आप खुद को और अपने परिवार को इस कोरोना वायरस से बचा सकते हैं।

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