भारत में कोरोना का पीक कब तक आएगा और इससे राहत कब तक मिलेगी

भारत में कोरोना का पीक कब तक आएगा और इससे राहत कब तक मिलेगी: दुसरे देशों की तुलना में इस समय भारत में कोरोना ने कोहराम मचा रखा है, रोजाना 4 लाख से अधिक पोसिटिव केस दर्ज किये जा रहे हैं। ऐसे में विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना का पीक कब तक आ सकता है और कब तक हमें इससे राहत मिल सकती है।

भारत में कोरोना का पीक कब तक आएगा

भारत में कोरोना का पीक कब तक आएगा

सबसे पहले बात करते हैं की भारत में कोरोना का पीक कब तक आएगा, उससे पहले यह समझना जरुरी है कि वर्तमान में भारत की स्तिथि क्या है ? जिससे एक अंदाजा मिल सके की आने वाले समय में हम कितना तैयार हो सकते हैं। वर्तमान में 15 दिनों का आंकड़ा देखें तो देश में रोजाना 3 लाख नए केस सामने आ रहे हैं और हाल ही के दिनों को देखते हैं तो 4 लाख से ज्यादा केस सामने आ रहे हैं।

भारत में कोरोना को मद्देनज़र रखते हुए ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में पीक आने ही आवला है। अब यह ब्लूमबर्ग क्या है ? IIT कानपुर के प्रोफेसर मनिन्द्र अग्रवाल ने एक मॉडल पेश किया था जिसके आधार पर IIT हैदराबाद के प्रोफ़ेसर एम. विद्यासागर ने यह जानकारी दी है की भारत में कोरोना का पीक अब आने ही वाला है।

इसके साथ ही इनका कहना है की जून महीने तक भारत को कोरोना से काफी राहत मिल सकती है क्योंकि तब पॉजिटिव केस की संख्या घटकर 20 हजार तक पहुंच जाएगी। इससे पहले इसी टीम ने कहा था कि भारत में अप्रैल के मध्य तक कोरोना पीक पर पहुंचेगा लेकिन तब यह बात गलत साबित हुई थी।

पीक को लेकर अनुमान लगाना मुश्किल है

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, पीक के लिए जो नया मॉडल अपनाया गया है उसपर भी बहुत ज्यादा भरोसा नहीं किया जा सकता है, क्योंकि भारत में पॉजिटिव केस की जो संख्या बताई जा रही है वह सही नहीं है और ना ही मृत्यु दर की जो संख्या बताई जा रही है वह सही है।

अब ऐसे में आप ही सोचिये जब हमारे पास सही डाटा ही नहीं होगा तो पीक पर पहुंचना और ख़त्म होने का सही अनुमान कैसे लगाया जा सकता है।

वहीँ दूसरी तरफ भारत के अन्य वैज्ञानिकों के अनुसार 15 के आसपास दूसरा पीक आने की बात कही जा रही है। ऐसा वह इसलिए कह रहे हैं क्योंकि वर्तमान में भारत में कोरोना पॉजिटिव केस की संख्या 4 लाख के पार पहुंच चुकी है और मृत्युदर बीते दिन 3,980 दर्ज किया गया है।

मुश्किलें तब सामने नजर आने लगती है जब हम देश में हॉस्पिटल और उनकी व्यवस्था की तरफ देखते हैं, इन स्तिथियों के बीच भी प्रधानमंत्री मोदी ने साफ़ किया है कि वे नेशनल लॉकडाउन नहीं लगाने वाले हैं। हालांकि  देश के विभिन्न राज्यों में आंशिक एवं पूर्ण लॉकडाउन पहले से लागू है और कई राज्यों ने अपनी सीमाओं को भी सील कर रखा है।

कोरोना से राहत कब तक मिलेगी

भारत में इस समय कोरोना का दूसरा म्युटेंट होने की बात कही जा रही है जोकि पहले से ज्यादा खतरनाक है। इसी कारण फिलहाल देश में संक्रमण लगातार बढ़ते जा रहा है। ऐसे में रहत की बात करें तो जब देश में कोरोना से पॉजिटिव होने वालों की दर और कोरोना से ठीक होने वालों की दर में तबदीली आएगी तब यह कह सकते हैं की अब देश की स्तिथि सुधर जाएगी।

फिर भी एक अनुमान के अनुसार देश में जून के अंत तक कोरोना से काफी हद तक राहत मिल सकती है, क्योंकि तब तक अभी जो लोग पॉजिटिव हैं उनका इलाज हो जाएगा और ज्यादातर लोगों को Covid-19 की वैक्सीन भी लग जाएगी, जिससे हालत काबू में आ सकते हैं।

सारांश

देश में फिलहाल कोरोना के कारण स्तिथि बहुत ख़राब है, बहुत सारे लोगों के रोजगार जा चुके हैं और आने वाले समय में बहुत लोगों के रोजगार चले जाएंगे। देश की GDP तेजी से निचे की तरफ जा रही है जिससे उभरने में भारत को 3 से 4 साल का वक़्त लग सकता है।

उसके बाद जा कर भारत फिर से पहले की तरह काम कर सकेगा, इस बीच राहत की खबर यह है की दुसरे देश भारत की मदद करने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं, कई देशों से ऑक्सीजन भेजी रही है तो कई देशों के द्वारा जरुरी दवाएं। इसके साथ ही भारत में भी ऑक्सीजन की पूर्ती और दवाओं की पूर्ती के लिए कई फैक्ट्री को मंजूरी दे दी गयी है।

जिससे यह सभी चीजें जल्द ही पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होंगी, और तब स्तिथि में तेजी से सुधार हो सकेगा, तब तक हम सभी को चाहिए की पैनिक ना करें, सोशल मीडिया पर आने वाले फ़ालतू की रिपोर्ट्स पर भरोसा करके घबराएं नहीं, क्योंकि आज स्तिथि ख़राब है लेकिन जल्द ही ठीक भी हो जाएगी। क्योंकि रात के बाद सवेरा जरूर होता है।

आप अपना और अपने परिवार का ख्याल रखें Covid की गाइडलाइन का पालन करें खुद भी सेफ रहे और अपने परिवार को भी सेफ रखें।

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