10 Important Facts about Atal Tunnel (अटल टनल) in Hindi

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Atal Tunnel: नमस्कार आज के इस पोस्ट में हम आपको अटल टनल के बारे में 10 महत्वपूर्ण बातों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में आपको जरूर जानना चाहिए।

Atal Tunnel

Atal Tunnel

भारत में यूँ तो कई ऐसी चीजें है जोकि विश्व विख्यात हैं जैसे की आगरा का ताजमहल, जोकि अपनी सुंदरता के कारण विश्वप्रसिद्ध है और अब भारत में एक और अभूतपूर्व कलाकृति को बनाया गया है जिसका नाम Atal Tunnel रखा गया है।

कहा जा रहा है की यह टनल विश्व की सबसे लम्बी टनल में से एक है, इस टनल को बनाने से भारतीय सेना की सीमा पर पकड़ अच्छी होने के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को भी बहुत सहूलियत मिलने वाली है। इस टनल के बन जाने से अब मनाली और लेह के बीच यात्रा का समय लगभग 4 से 5 घंटे कम हो जाएगा।

इसके साथ ही स्थानीय लोगो जैसे की व्यापारी, किसान और अन्य लोगों को इस टनल के बन जाने से बहुत फायदा मिलने वाला है। हम आपको बता दें की Atal Tunnel के निर्माण का कार्य पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के द्वारा शुरू किया गया था जोकि वर्ष 2020 में पूरा हो गया है।

Atal Tunnel के बारे में विशेष

दिनांक 03 ओक्टुबर को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा Atal Tunnel का उद्घाटन किया गया है। इस सुरंग का नाम भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के नाम पर रखा गया है और इस सुरंग को दुनिया की सबसे लम्बी राजमार्ग सुरंग कहा जाता है।

इस सुरंग के निर्माण में कुल 20 वर्षों का समय लगा है। बता दें की वर्ष 2002 में अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार के कार्यकाल में इसकी स्थापना की गयी थी और वर्ष 2020 में इस सुनंग का निर्माण कार्य पूरा हो सकता है। अटल सुरंग भारत के लिए कई दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।

10 Important Facts about Atal Tunnel

  1. BRO सीमा सड़क संगठन द्वारा निर्मित 9.99 किमी लम्बी अटल सुरंग दुनिया की सबसे लम्बी ऊंचाई वाली राजमार्ग सुरंग है।
  2. अटल सुरंग के बन जाने से अब मनाली और लेह के बीच की यात्रा करने के लिए 46 किलोमीटर की कमी आ जाएगी, जिससे यात्रा में लगने वाले समय में 4 से 5 घंटे की कमी आ जाएगी।
  3. अटल टनल के बन जाने से अब बर्फ बारी के कारण यात्रा में होने वाली समस्याओं से निजात मिल सकेगी।  लाहौल-स्पीति  घाटी के बीच बर्फ़बारी के कारण 6 माह तक रास्ता बंद कर दिया जाता है लेकिन इस टनल के बन जाने से इस समस्या से निजात मिल जाएगा।
  4. इस सुरंग की क्षमता की बात करें तो इस सुरंग को कुछ प्रकार डिजाइन किया गया है कि इस सुरंग से प्रतिदिन 3000 किलोमीटर की अधिकतम गति के साथ प्रतिदिन 3000 करों और 1500 ट्रकों के यातायात को संभव किया जा सके।
  5. बर्फ बारी की समस्या को दूर करने के लिए इस टनल में अर्ध अनुप्रस्थ वेंटिलेशन सिस्टम SCADA को लगाया गया है और साथ ही रौशनी और निगरानी प्रणाली सहित कला विद्युत् प्रणाली को रखा गया है।

Other 5 Important Facts about Atal Tunnel

  1. अटल सुरंग हिमालय के पीर पंजाल रेंज में रोहतांग दर्रे में मीन सी लेवल (MSL) से 3000 मीटर (10,000 फीट) की ऊँचाई पर स्थित है और इसे अति-आधुनिक विशिष्टताओं के साथ बनाया गया है।
  2. अटल सुरंग 8 मीटर की सड़क के साथ एक घोड़े की नाल के आकार का, एकल ट्यूब डबल लेन सुरंग है। इसमें 5.525 मीटर की ओवरहेड क्लीयरेंस है, जो 10.5 मीटर चौड़ी है और इसमें 3.6 x 2.25 मीटर फायरप्रूफ इमरजेंसी इग्रेन टनल है जिसे मुख्य टनल में ही बनाया गया है। यह भारत की पहली सुरंग है जिसमें मुख्य सुरंग के भीतर एक एस्केप सुरंग है।
  3. सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, अटल सुरंग में दोनों पोर्टल्स (उत्तर और दक्षिण), हर 150 मीटर पर टेलीफोन कनेक्शन, हर 60 मीटर पर फायर हाइड्रेंट सिस्टम, निकासी लाइट, हर 1 किमी पर हवा की गुणवत्ता की निगरानी और प्रत्येक 25 मीटर पर निकास संकेतों पर प्रवेश बाधाएं हैं। , हर 500 मीटर पर प्रसारण से बाहर निकलें और हर 250 मीटर पर सीसीटीवी कैमरों के साथ प्रसारण प्रणाली और स्वचालित घटना का पता लगाने की प्रणाली।
  4. अटल टनल सामरिक दृष्टिकोण से भी महत्त्वपूर्ण होगा क्योंकि यह LAC के साथ के क्षेत्रों को हमारे वर्ष के माध्यम से करीब और सुलभ बनाएगा।
  5. लगभग 3,300 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित, बीआरओ को सुरंग बनाने के लिए मौसम, इलाके और भूवैज्ञानिक बाधाओं सहित कई चुनौतियों से पार पाना था।

Atal Tunnel का उद्धघाटन समारोह

अटल सुरंग के उद्घाटन समारोह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  जी के द्वारा सुबह 10 बजे किया जाएगा। इस उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर भी होंगे। इसके साथ ही चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ जनरल बिपिन रावत और आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवाना भी उपस्थित होंगे।

In Conclusion

Atal Tunnel भारत में व्यापारिक, सामरिक और सैन्य सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है और इस टनल के बन जाने से आने वाले समय में भारत में कई उपलब्धियां सामने आ सकती हैं, जैसे की इस सुरंग के बन जाने से भारी बर्फ़बारी के मौसम में भी यात्रा संभव हो सकेगी, आपातकालीन स्तिथि में भारतीय सेना अब पहले की तुलना में जल्दी बॉर्डर तक पहुंच सकेगी।

अब युवा दृष्टि से देखें तो इस सुरंग के बन जाने से स्थानीय लोगो की पहुंच अन्य राज्यों तक बढ़ेगी जिससे व्यापारिक दृष्टि और रोजगार दृष्टि से लाभ मिलने वाला है। इस टनल के बारे में आपके क्या विचार है हमें कमेंट करके जरूर बताएं धन्यवाद।

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